Apvartan Kise Kahate Hain (1)

Apvartan Kise Kahate Hain

Apvartan Kise Kahate Hain: हेलो स्टूडेंट्स, आज हमने यहां पर अपवर्तन की परिभाषा, प्रकार और उदाहरण के बारे में विस्तार से बताया है।Apvartan Kise Kahate Hain यह हर कक्षा की परीक्षा में पूछा जाने वाले यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

Apvartan Kise Kahate Hain

दोस्तों आज हम आप को अपवर्तन क्या हैं के बारे में लेख लिखा है। इस लेख में हमने अपवर्तन क्या हैं, अपवर्तन का नियम (स्नेल का नियम), अपवर्तन की घटनाएं इस लेख मे इत्यादी के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

अपवर्तन किसे कहते है?

1. अपवर्तन (Refraction in hindi ):- जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम से प्रवेश करती हैApvartan Kise Kahate Hain तो अपने पथ से विचलित हो जाती है। इस घटना को अपवर्तन कहते है।

2.  अपवर्तन का नियम – (स्नेल का नियम) (Snell’s law in hindi): – आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या का अनुपात किन्हीं दो माध्यमों के लिए नियत होता है। इस नियंताक को पहले मायध्म के सापेक्ष दूसरे माध्यम का अपवर्तनाक कहते है।

N21 = Sin i  /Sin r

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नोट:-

1. किसी पदार्थ का अपवर्तनांक पदार्थ की प्रकृति पर तरंग दैध्र्य पर ताप निर्भर करता है।

2. अपवर्तन की घटना में आवृत्ति में परिवर्तन नहीं होता है।Apvartan Kise Kahate Hain परन्तु वेग और तरंग दैध्र्य बदल जाती है।

3. C = V λ  सूत्र से यदि वेग बढ़ता है तो तरंग देैध्र्य का मान भी बढ़ता है और यदि वेग घटता है तो तरंग दैध्र्य का मान भी घटेगा।

4. विरल माध्यम की अपेक्षा सघन माध्यम में प्रकाश का वेग कम होता है।Apvartan Kise Kahate Hain इस आधार पर हवा, जल, काँच में सबसे ज्यादा वेग हवा में जल में और उसके बाद काँच में होगा।

5. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम से जाती है तो अभिलम्ब से दूर हटती है तो यदि विरल से सघन में जाती है तो अभिलम्ब के पास आतीहै।

6. निर्वात का अपवर्तनाक का मान 1 हवा का मान 1.00029 जल का अपवर्तनाक 4/3 और का अपवर्तनांक सबसे अधिक 2.4 होता है।

प्रकाश के अपवर्तन से संबंधित विभिन्न घटनाएं :-  प्रकाश के अपवर्तन के कारण ब्रह्मांड में अनेक घटनाएं होती हैं इनमें से कुछ निम्न है।

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  • तारों का टिमटिमाना :-  वायुमंडल का घनत्व पृथ्वी तल से ऊंचाई के साथ घटता जाता है तथा घनत्व परिवर्तित भी होता रहता है तारों से आने वाला प्रकाश जब इन परतों से गुजरता है तो उसका बार-बार अपवर्तन होता है जिसके कारण आंख में प्रवेश करने वाले प्रकाश किरण की स्थिति परिवर्तित होती रहती है वह तारे टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं।
  • सूर्योदय व सूर्यास्त से पहले व बाद सूर्य की आभासी स्थिति :- सूर्य उदय होने से पहले व सूर्यास्त के बाद जब सूर्य क्षितिज से नीचे चला जाता है Apvartan Kise Kahate Hainतो इससे आने वाली प्रकाश किरणें वायुमंडल के विरल माध्यम से सघन माध्यम की ओर आने के कारण अभिलंब की ओर हो जाती हैं तथा प्रेक्षक तक पहुंचती है तो यह परीक्षक को क्षैतिज से ऊपर से आती हुई प्रतीत होती है जिसके कारण सूर्य है सूर्योदय से पहले व सूर्यास्त के बाद भी दिखाई पड़ता है Apvartan Kise Kahate Hainयह अंतराल लगभग 2 मिनट होता है जिससे दिन की अवधि 4 मिनट बढ़ जाती है
  • कांच के गुटके पट्टिका से प्रकाश का अपवर्तन :-  जब प्रकाश किरण किसी कांच के आयताकार गुटके में वायु से प्रवेश करती है तो इसका दो बार अपवर्तन होता है पहली बार वायु से कांच में जाने पर तथा दूसरी बार कांच से पुनः वायु में आने पर इस प्रकार से निर्गत प्रकाश किरण आपतित प्रकाश किरण के समांतर प्राप्त होती है किंतु इससे किसी दूरी पर विस्थापित हो जाती है जिसे पार्श्विक विस्थापन कहते हैं निर्गत कोण आपतन कोण के बराबर होता है।
  • जल में डूबे हुए सिक्के का ऊपर उठा हुआ दिखाई देना :-सिक्के को जल के ऊपर से देखते है तो सिक्के से आने वाली किरण जल से हवा में जाने के कारण अभिलम्ब से दूर हटती है। इसलिए सिक्का ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है।

आर्टिकल में अपने पढ़ा कि अपवर्तन किसे कहते हैं, हमे उम्मीद है कि ऊपर दी गयी जानकारी आपको आवश्य पसंद आई होगी। इसी तरह की जानकारी अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करे ।

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