Tindal Prabhav Kise Kahate Hain

Tindal Prabhav Kise Kahate Hain

Tindal Prabhav Kise Kahate Hain: हेलो स्टूडेंट्स, आज हमने यहां पर टिंडल प्रभाव की परिभाषा, प्रकार और उदाहरण के बारे में विस्तार से बताया है।Tindal Prabhav Kise Kahate Hainयह हर कक्षा की परीक्षा में पूछा जाने वाले यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

Tindal Prabhav Kise Kahate Hain

जब किसी कोलाइड विलयन में से किसी प्रकाश पुंज को प्रवाहित करने पर , इसे प्रकाश की दिशा के लम्बवत देखने पर , कोलाइड विलयन में प्रकाश पुंज का मार्ग चमकता हुआ दिखाई देता हैTindal Prabhav Kise Kahate Hain , इसी परिघटना को टिंडल प्रभाव कहते है।

चित्रानुसार दो विलयन लेते है एक साधारण विलयन और एक कोलाइड विलयन , चित्रानुसार दोनों विलयनों में से होकर एक तीव्र प्रकाश पुंज को गुजारा जाता है तो हम देखते है Tindal Prabhav Kise Kahate Hainकि साधारण विलयन में यह प्रकाश अदृश्य रहता है लेकिन कोलाइड विलयन में जिस मार्ग से प्रकाश गुजरता है वह प्रकाश का मार्ग चमकता हुआ प्रतीत होता है इसी प्रभाव को टिण्डल प्रभाव कहते है जैसा चित्र में दिखाया गया है |

साधारण या वास्तविक विलयन के कणों का आकार बहुत ही सूक्ष्म होता है इसलिए जब वास्तविक विलयन से प्रकाश गुजारा जाता है तो प्रकाश प्रकिर्णित नहीं हो पाता है और हमारी आँखों तक नहीं पहुँच पाटा हैTindal Prabhav Kise Kahate Hain जिसे हमें यह प्रकाश दिखाई नहीं देता है।

इसे भी पढ़े:Udyog Kise Kahate Hain – उद्योग किसे कहते हैं? उद्योग के प्रकार

दूसरी तरफ जब प्रकाश पुंज को किसी कोलाइडी विलयन से गुजारा जाता है तो कोलाइड विलयन में कणों का आकार अपेक्षाकृत बड़ा होता है जिससे जब प्रकाश इनसे टकराता हैTindal Prabhav Kise Kahate Hain तो वह प्रकिर्नित हो जाता है और जिसके कारण यह प्रकाश प्रकीर्नित होकर हमारी आँखों तक पहुच जाता है और हमें इस प्रकाश का मार्ग चमकता हुआ दिखाई देता है अर्थात हमें प्रकाश दृश्य रहता है।

यहाँ प्रकीर्णित प्रकाश की तीव्रता परिक्षेपण माध्यम और परिक्षिप्त प्रावस्था के अपवर्तनांक के अंतर पर निर्भर करती है|

हम टिण्डल प्रभाव को दैनिक जीवन में आसानी से देख सकते है|

जैसे –

1. जब एक अंधरे वाले कमरे में किसी एक छिद्र से प्रकाश आता है तो हम देखते हैTindal Prabhav Kise Kahate Hain की इसका मार्ग हमें चमकता हुआ या इसका मार्ग हमें स्पष्ट रूप से दिखाई देता है , इस स्थिति में कमरे में उपस्थित धुल के कण या धुआं के कण कोलाइड कणों की तरह कार्य करता है जिनसे प्रकाश प्रकिर्नित होकर हमारी आँखों तक पहुँचता है  और यह प्रकाश का मार्ग चमकता हुआ हमें दिखाई देता है।

2. सिनेमाघर में प्रोजेक्टर से आने वाली प्रकाश पुंज हमें स्पष्ट रूप से दिखाई देता हैTindal Prabhav Kise Kahate Hain इसका कारण भी टिण्डल प्रभाव ही है यहाँTindal Prabhav Kise Kahate Hain भी धुल के कण कोलाइड कणों की तरह व्यवहार करते है।

आर्टिकल में अपने पढ़ा कि टिंडल प्रभाव किसे कहते हैं, हमे उम्मीद है कि ऊपर दी गयी जानकारी आपको आवश्य पसंद आई होगी। इसी तरह की जानकारी अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करे ।

Leave a Comment

Your email address will not be published.