Upsarg Kise Kahate Hain

Upsarg Kise Kahate Hain

Upsarg Kise Kahate Hain: हेलो स्टूडेंट्स, आज हमने यहां पर उपसर्ग की परिभाषा, प्रकार और उदाहरण (Upsarg in hindi) के बारे में विस्तार से बताया है। यह हर कक्षा की परीक्षा में पूछा जाने वाले यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

Upsarg Kise Kahate Hain

कुछ शब्दांश ऐसे होते हैं जो किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उस शब्द का अर्थ बदल देते हैं, उसे उपसर्ग कहलाते है।

उपसर्ग की परिभाषा:

जो शब्दांश शब्द के आदि में जुड़कर नवीन शब्द बनाकर पहले शब्द के अर्थ को परिवर्तित कर देता है अथवा उसके अर्थ में विशेषता उत्पन्न कर देता है उसे उपसर्ग कहते हैं।

उदाहरण: पराजय, यहाँ परा शब्दांश ने जय शब्द के आदि में जुड़कर = पराजय नया शब्द बनाया है और जय शब्द के अर्थ को बदल दिया है — जय का अर्थ होता है जीत और पराजय का अर्थ एकदम उल्टा होता है, हार अतः यहा परा उपसर्ग है।

अथवा

उपसर्ग वह शब्दांश है जो किसी शब्द के पहले जुड़कर एक नया शब्द बनाता है। 

जैसे —‘हार’ का अर्थ होता है — पराजय या माला। यदि इसके पहले ‘प्र’ , ‘आ’ , ‘उप’ आदि उपसर्ग जोड़े जाएँ, तो नया शब्द इस प्रकार बनेगा

  • प्र + हार = प्रहार (चोट पहुँचाना)
  • उप + हार = उपहार (भेंट)
  • आ + हार = आहार (भोजन)
  • सम् + हार = संहार (नाश)

उपसर्ग के भेद

हिंदी व्याकरण में प्रयुक्त उपसर्ग मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं, जो निम्न है:

  1. हिंदी के उपसर्ग
  2. संस्कृत के उपसर्ग
  3. उर्दू के उपसर्ग

हिंदी के उपसर्ग

हिंदी के उपसर्ग को तद्भव के नाम से भी जाना जाता है। इन उपसर्गों की संख्या सामान्यता 10 होती है। यह उपसर्ग और उनके अर्थ नीचे निम्नलिखित रुप से दर्शाए गए हैं।

उपसर्गअर्थ
अभाव
आध्आधा
अन्निषेध
उनएककम
साथ
निनहीं
का, कुबुरा

संस्कृत के उपसर्ग

संस्कृत के उपसर्ग को हिंदी व्याकरण में तत्सम शब्द के नाम से भी जाना जाता है, संस्कृत के उपसर्ग से ही हिंदी के उपसर्ग विकसित हुए हैं। संस्कृत के उपसर्ग की संख्या 22 होती है, जिनमें से कुछ नीचे इस प्रकार से निम्नलिखित हैं।

यह भी पढ़े:

उपसर्गअर्थ
अतिअधिक
अधिऊपर, श्रेष्ठ
ओर
अपिनिकट
दूःनिषेध
अप्विपरित
परिचारोंओर

उर्दू के उपसर्ग

उपसर्गअर्थ
कमथोड़ा
खुशप्रसन्न, अच्छा
हमसमान
बेबिना
लाबिना
Credit: Learn Easy

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